Search
Close this search box.

पाकिस्तान: इमरान खान की मुश्किलें बढ़ीं

– दस्तावेज लीक मामले में 14 दिन के लिए जेल भेजे गए

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। एक विशेष अदालत ने मंगलवार को राजनयिक दस्तावेज लीक होने के मामले में उनकी रिमांड को 14 दिन के लिए बढ़ा दिया। इसी के साथ इमरान के जेल से बाहर आने का इंतजार और लंबा हो गया है।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान को पिछले महीने ही एक राजनयिक केबल लीक करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन पर जानबूझकर अमेरिका में स्थित दूतावास से आए दस्तावेजों को लीक करने के लिए आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम तोड़ने का केस चलाया गया है।
यह लगातार तीसरी बार है जब इमरान खान को रिमांड पर जेल भेजा गया है। उनकी पिछली 14 दिन की रिमांड आज ही खत्म हो रही थी। बता दें कि इस मामले की सुनवाई स्पेशल कोर्ट के जज अबुअल हसनत जुल्करनैन ने अटोक जेल में ही की। इमरान को तोशाखाना मामले में दोषी पाए जाने के बाद पांच अगस्त से ही यहां रखा गया है।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें 10 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसी के साथ अदालत ने पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की हिरासत को भी 14 दिन के लिए बढ़ा दिया।

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी गिरफ्तार

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और तहरीक-ए-इन्साफ के उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। संघीय जांच एजेंसी ने साइफर मामले की चल रही जांच के सिलसिले में यह गिफ्तारी की।
कुरैशी को इस्लामाबाद में गिरफ्तार किया गया। इस बात की पुष्टि उनकी पार्टी के महासचिव उमर अयूब खान ने की है। उन्होंने सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफार्म पर बताया कि पीटीआई उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी को एक बार फिर से अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया है। उन्हें पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी ने गिरफ्तार किया और अब उन्हें संघीय जांच एजेंसी (FIA) मुख्यालय ले जाया जा रहा है।
दरअसल, शाह महमूद कुरैशी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद घर लौटे थे, तभी पुलिस उनके आवास पर पहुंच गई और उन्हें पकड़ लिया गया। एफआईए ने साइफर की चल रही जांच के सिलसिले में सीक्रेट दस्तावेज लीक करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया है।
पार्टी महासचिव उमर अयूब खान ने सरकार के इस कदम की निंदा की है। उम्मीद थी कि केयरटेकर प्रधानमंत्री अनवर उल हक के आने के बाद पीडीएम सरकार की अराजकता खत्म हो जाएगी। लेकिन ऐसा लगता है कि यह कार्यवाहक सरकार अपने पूर्ववर्ती फासीवाद सरकार के रिकॉर्ड को तोड़ना चाहती है।

तोशाखाना केस में इमरान खान दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई तीन साल की सजा, लाहौर से गिरफ्तार

कोर्ट ने सुनाई तीन साल की सजा

नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तोशाखाना केस में इमरान खान को जिला-सत्र न्यायालय ने दोषी ठहराया है। उन्हें इस मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई है। बताया गया है कि सजा के एलान के बाद इस्लामाबाद पुलिस ने इमरान को लाहौर से गिरफ्तार कर लिया।

दरअसल, पाकिस्तान के कानून के अनुसार किसी विदेशी राज्य के गणमान्य व्यक्तियों से प्राप्त कोई भी उपहार स्टेट डिपॉजिटरी यानी तोशाखाना में रखना होता है। अगर राज्य का मुखिया उपहार को अपने पास रखना चाहता है तो उसके लिए उसे इसके मूल्य के बराबर राशि का भुगतान करना होगा। यह एक नीलामी की प्रक्रिया के जरिए तय किया जाता है। ये उपहार या तो तोशाखाना में जमा रहते हैं या नीलाम किए जा सकते हैं और इसके माध्यम से अर्जित धन को राष्ट्रीय खजाने में जमा किया जाता है।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख खान पर प्रधानमंत्री रहते हुए स्टेट डिपॉजिटरी यानी तोशाखाना से रियायती मूल्य पर प्राप्त एक महंगी ग्राफ कलाई घड़ी सहित अन्य उपहार खरीदने और लाभ के लिए उन्हें बेचने का आरोप है। इमरान खान को आधिकारिक यात्राओं के दौरान करीब 14 करोड़ रुपये के 58 उपहार मिले थे। इन महंगे उपहारों को तोशाखाना में जमा किया गया था। बाद में इमरान खान ने इन्हें तोशाखाना से सस्ते दाम पर खरीद लिया और फिर महंगे दाम पर बाजार में बेच दिया। इस पूरी प्रक्रिया के लिए उन्होंने सरकारी कानून में बदलाव भी किए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान ने 2.15 करोड़ रुपये में इन उपहारों को तोशाखाना से खरीदा और इन्हें बेचकर 5.8 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। इन उपहारों में एक ग्राफ घड़ी, कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घड़ियां शामिल थे। बिक्री का विवरण साझा न करने के कारण उन्हें पिछले साल अक्तूबर में पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) द्वारा अयोग्य घोषित कर दिया गया था।