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पीएम मोदी दक्षिण अफ्रीका के लिए हुए रवाना

– 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में लेंगे भाग नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए मंगलवार सुबह दक्षिण अफ्रीका के लिए रवाना हो गए। वह 22 से 24 अगस्त तक जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। 2019 के बाद पहली बार ब्रिक्स देशों ब्राजील, रूस, भारत, … Read more

बढ़ते नशे का सेवन चिंता का विषयः द्रौपदी मुर्मू

– एडिक्शन फ्री बंगाल का किया शुभारंभ

कोलकाता। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को कहा है कि हम सभी स्कूलों और कॉलेजों में बढ़ते नशे के सेवन को लेकर चिंतित हैं। बच्चे और युवा हमारे सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति हैं। जो समय और ऊर्जा अपने भविष्य के नींव को मजबूत करने में लगाना चाहिए, उस समय केवल एक लत के कारण नष्ट कर रहे हैं।
महामहिम कोलकाता के राजभवन में ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत ‘माई बंगाल, एडिक्शन फ्री बंगाल’ अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। राष्ट्रपति ने कहा, भारत को नशा मुक्त बनाने के कार्यक्रम में हिस्सा लेकर मुझे संतोष का अनुभव हो रहा है। मैं नशामुक्त भारत के अंतर्गत माई बंगाल, एडिक्शन फ्री बंगाल विशेष परियोजना शुरू करने के लिए प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय को बधाई देती हूं।
उन्होंने कहा, आज जिस समस्या की समाधान के लिए अभियान शुरू किया गया है, वह अत्यंत गंभीर है। नशीले पदार्थों के सेवन की समस्या समाज के हर वर्ग में अपनी जड़ें तक पहुंच चुकी है। नशीले पदार्थों का सेवन आज के समय में समाज और देश के लिए चिंता का विषय है। इसके अंतरराष्ट्रीय आयाम भी है। हमारे युवा इन व्यसनों के कारण जीवन में सही दिशा का चुनाव नहीं कर पा रहे हैं। यह अत्यंत चिंताजनक है और इस विषय में सभी मोर्चों पर काम करने की जरूरत है। यह संतोष की बात है कि ब्रह्म कुमारी जैसी संस्थाएं ऐसी विषय पर गंभीरता से विचार-विमर्श करती है। इसके समाधान के लिए बड़े पैमाने पर कार्य भी कर रही है।
राष्ट्रपति ने कहा, हम सभी स्कूलों और कॉलेजों में बढ़ते नशे के सेवन को लेकर चिंतित हैं। बच्चे और युवा हमारे सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति हैं। जो समय और ऊर्जा अपने भविष्य के नींव को मजबूत करने में लगाना चाहिए, उस समय केवल एक लत के कारण नष्ट कर रहे हैं। सभी शिक्षण संस्थानों में काउंसिलिंग, विचार-विमर्श और अन्य गतिविधियों से पता लगाना चाहिए कि विद्यार्थी कहीं किसी गलत दिशा में तो नहीं जा रहे हैं। अगर कहीं ऐसा दिखता है तो तुरंत उस पर कार्य करना चाहिए।