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सोलन में तैयार हुआ विश्व का पहला नागलोक मंदिर

– सर्प महायज्ञ हवन 16 अगस्त से, सोनिया गांधी भी होंगी शामिल

– 25 अगस्त से आम लोगों के लिए दर्शन को खुलेगा मंदिर

शिमला। आखिरकार श्रद्धालुओं की योजना रंग लाई और शिमिला-सोलन में विश्व का पहला नागलोक मंदिर बनकर तैयार हो गया। महल के आकार में तैयार किए गए इस मंदिर में आठ कुल और 26 जातियों के नाग सहित नागकुल की महारानी की स्थापना शेषनाग के साथ की जाएगी।
बताया जाता है कि तकरीबन 162 साल पहले केरल में नागलोक मंदिर की स्थापना करने का प्रयास किया गया था, लेकिन लेकिन वहां के राजा की मृत्यु हो जाने के कारण नाग लोक की स्थापना नहीं हो पाई थी लेकिन अब सोलन के कंडाघाट के समीप रामलोक मंदिर में इस नागलोक का निर्माण किया जा चुका है।
रामलोक मंदिर के संस्थापक बाबा अमरदेव ने बताया कि 16 अगस्त से 25 अगस्त तक सर्प महायज्ञ हवन का आयोजन किया जाएगा। जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम बड़े चेहरे यह आयोजन में शामिल होंगे।
बाबा अमरदेव ने बताया कि शिमला और सोलन की सीमा पर बने इस मंदिर की 25 अगस्त को स्थापना होगी और इस दौरान कांग्रेस नेता सोनिया गांधी भी मौजूद रहेंगी। बाबा अमरदेव ने बताया कि पहला निमंत्रण गांधी परिवार को दिया गया है औऱ सोनिया गांधी ने मंदिर में हाजिरी भरने को हामी भरी है।
विश्व का पहला नागलोक
बाबा अमरदेव का कहना है कि यह विश्व का पहला नागलोक है। उन्होंने कहा कि द्वापर युग में जनमेजय ने जिस यज्ञ का आयोजन किया था वह यज्ञ पहली बार कलयुग में नाग लोक मंदिर में किया जा रहा है। यहां आठ कुल और 26 जातियों के नाग सहित नागकुल की महारानी की स्थापना शेषनाग के साथ की जाएगी।
सवा करोड़ ईंट से बना है मंदिर
रामलोक मंदिर में स्थापित नागलोक का निर्माण में तकतरीबन सवा करोड़ ईंटें लगाई गई हैं। मंदिर की ऊंचाई 450 फीट है। मंदिर को महल की शक्ल में तैयार किया गया है। मंदिर में एक गुप्त तहखाना भी बनाया जा रहा है। करीब 50 फुट गहराई वाले इस तहखाने में लोगों के अर्पित सोने और चांदी के नाग जमा होते रहेंगे। स्वामी अमरदेव ने बताया कि 16 अगस्त तक सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। इसके बाद 25 अगस्त तक मंदिर में यज्ञ चलेगा और इसी दिन से मंदिर को आम लोगों के दर्शनों के लिए खोला जाएगा।